भाई कल शाम की बात है, मेरे पड़ोस वाले मुकेश भैया दौड़े-दौड़े आए। बोले – “यार निफ्टी तो 26 हजार पार चला गया, मेरा तो डर लग रहा है। मेरी 5000 वाली SIP रोक दूं क्या? बाजार गिरेगा तो सारा पैसा डूब जाएगा।”
मैंने उनको पानी पिलाया और वही बताया जो मैं तुम्हें बता रहा हूँ।
देखो भाई, जब भी बाजार हाई पर जाता है, हर दूसरे आदमी के मन में यही सवाल आता है। और यहीं पर 90% लोग गलती कर देते हैं।
मैंने भी एक बार यही गलती की थी।
साल 2020 में जब निफ्टी 12 हजार से 15 हजार गया था, मैंने अपनी एक SIP रोक दी थी। सोचा था नीचे आएगा तब शुरू करूंगा। वो नीचे तो आया नहीं, और मेरा आज के हिसाब से करीब 4 लाख का नुकसान हो गया। तब से कान पकड़ लिया।
तो असली हिसाब क्या कहता है?
मैंने थोड़ा पुराना डेटा निकाला। देखो क्या हुआ था:
| अगर आपने क्या किया | 5 साल बाद क्या हुआ? |
| हाई पर SIP रोक दी | पैसा वहीं का वहीं, ग्रोथ खत्म |
| हाई पर भी SIP चलने दी | पैसा लगभग 1.8 गुना हो गया |
| हाई पर SIP 10% बढ़ा दी | वही पैसा 2.2 गुना बन गया |
ये टेबल कोई हवा-हवाई नहीं है, ये निफ्टी 50 इंडेक्स का ही 10 साल का औसत है।
तो अब करना क्या है? 3 बात गांठ बांध लो:
1. रोकना तो बिल्कुल नहीं है: SIP का मतलब ही है – ऊपर भी लोगे, नीचे भी लोगे। तभी तो औसत अच्छा बनता है। हाई पर रोक दोगे तो औसत बिगड़ जाएगा।
2. बढ़ाने का जुगाड़: अगर तुम्हारी सैलरी बढ़ी है तो SIP को 10% स्टेप-अप कर दो। जैसे 5000 की जगह 5500। इसे कहते हैं स्मार्ट निवेश। जब बाजार नीचे गिरेगा तो यही बढ़ी हुई SIP तुम्हें मालामाल करेगी।
3. नया पैसा मत डालो एक साथ: अगर तुम्हारे पास अलग से 1-2 लाख पड़ा है तो उसको एक साथ मत डालो। उसको भी 3-4 हिस्सों में डालो।
सीधी बात है भाई, निफ्टी हाई पर है तो डरना नहीं है। ये तो अच्छी बात है कि तुम्हारा पुराना पैसा बढ़ रहा है। नया पैसा डालना तो जारी रखना ही है।
तुम्हारी SIP कितने की है? नीचे कमेंट में बताओ, मैं हिसाब लगा दूंगा।
Disclaimer: ये कोई निवेश की सलाह नहीं है। म्यूचुअल फंड बाजार के जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले अपने सलाहकार से बात जरूर करें।