Direct vs Regular Mutual Fund: 1% कमीशन 30 साल में आपकी ₹25 लाख की SIP कैसे खा जाता है?

एक ही फंड, एक ही रिटर्न, पर डायरेक्ट प्लान में ₹25 लाख ज्यादा क्यों मिलते? एजेंट का 1% कमीशन 30 साल में करोड़पति से लखपति बना देता है। रेगुलर से डायरेक्ट में शिफ्ट कैसे करें? पूरा कैलकुलेशन।

भाई ये रेगुलर प्लान क्या बला है? एजेंट बोला फ्री है, बस मेरे से ले लो।”

2023 में मेरे दोस्त ने SBI के एजेंट से ₹10,000 की SIP शुरू की। 1 साल बाद मैंने पूछा “कौन सा प्लान है?” बोला “रेगुलर, एजेंट बोला डायरेक्ट में रिस्क है”।

मैंने Groww पे चेक किया। वही फंड, वही NAV, पर उसका रिटर्न 1% कम। 

मैंने कैलकुलेटर खोला। 30 साल में ₹10,000 SIP का फर्क = ₹25.6 लाख। 

दोस्त का मुंह खुला रह गया। “मेरी Fortuner का पैसा एजेंट खा गया?”

आज डायरेक्ट vs रेगुलर का काला चिट्ठा खोलते हैं।

1. पहले दोनों भाइयों को पहचान – फर्क सिर्फ 1 शब्द का

चीजरेगुलर प्लान – एजेंट वालाडायरेक्ट प्लान – तेरा वाला
खरीदते कहां सेएजेंट, बैंक, PolicyBazaar सेGroww, Zerodha, Kuvera, AMC वेबसाइट से
एजेंट का रोलफॉर्म भरवाता है, KYC करता हैकोई एजेंट नहीं। तू खुद का बॉस
एक्सपेंस रेशियो1.5% से 2.5% सालाना0.5% से 1.5% सालाना
फर्क कितनाहर साल 1% ज्यादा फीसहर साल 1% कम फीस
NAVथोड़ा कम होता हैथोड़ा ज्यादा होता है
एजेंट को क्या मिलतातेरे पैसे का 1% हर साल कमीशनजीरो। ₹0। बाबा जी का ठुल्लू
किसके लिएजिसे म्यूचुअल फंड की A-B-C नहीं पताजिसे मोबाइल चलाना आता है

सीधी बात: एक ही Parag Parikh Flexi Cap Fund है। कंपनी, मैनेजर, शेयर सब सेम। बस रेगुलर में एजेंट बीच में 1% हर साल काट लेता है। डायरेक्ट में डायरेक्ट तेरे अकाउंट में।

2. असली खून: 1% का फर्क 30 साल में कितना बड़ा बन जाता है?

₹10,000 महीना SIP। 12% रिटर्न मान के चल।

सालरेगुलर प्लान 11% रिटर्नडायरेक्ट प्लान 12% रिटर्नफर्क – एजेंट खा गया
5 साल₹8.46 लाख₹8.68 लाख₹22,000
10 साल₹21.78 लाख₹23.23 लाख₹1.45 लाख
20 साल₹75.95 लाख₹91.98 लाख₹16.03 लाख
30 साल₹2.27 करोड़₹2.52 करोड़₹25.6 लाख

रुक। ₹25 लाख का मतलब समझ? 

1. Fortuner टॉप मॉडल आ जाती

2. बेटे की विदेश पढ़ाई हो जाती  

3. 2BHK का डाउन पेमेंट हो जाता

4. 5 साल एक्स्ट्रा रिटायरमेंट हो जाती

सिर्फ इसलिए गया क्योंकि तूने “फ्री” वाले एजेंट से ले लिया। एजेंट फ्री नहीं है भाई। वो तेरा पैसा हर साल काट रहा है।

3. एजेंट के 3 सबसे बड़े झूठ – जो तुझे ₹25 लाख का चूना लगाते

झूठ 1: “डायरेक्ट में रिस्क ज्यादा है” 

सच: बकवास। फंड वही है, शेयर वही हैं, मैनेजर वही है। रिस्क सेम है। NAV का फर्क सिर्फ फीस का है।

झूठ 2: “मैं बेस्ट फंड सेलेक्ट करके दूंगा” 

सच: 90% एजेंट वही फंड बेचते हैं जिसमें उनको ज्यादा कमीशन मिलता है। तेरा प्रॉफिट नहीं, अपना कमीशन देखते हैं।

झूठ 3: “रेगुलर में सर्विस मिलती है, डायरेक्ट में कौन बताएगा” 

सच: कौन सी सर्विस? साल में 1 बार फोन? YouTube पे 1000 वीडियो फ्री हैं। Value Research फ्री है। ₹25 लाख की सर्विस?

4. तो क्या करूं? रेगुलर से डायरेक्ट में कैसे जाऊं? 3 स्टेप

स्टेप 1: चेक कर तेरा प्लान कौन सा है 

Groww/Zerodha खोल। Portfolio में फंड के नाम के आगे “Reg” लिखा है तो रेगुलर है। “Direct” लिखा है तो टेंशन नहीं।

स्टेप 2: नया SIP डायरेक्ट में शुरू कर 

AMC की वेबसाइट या Groww पे जा। वही फंड सर्च कर। “Direct – Growth” वाला सेलेक्ट कर। ₹10,000 की नई SIP शुरू कर दे।

स्टेप 3: पुराना रेगुलर प्लान का क्या करूं? 2 ऑप्शन 

ऑप्शन A: Switch कर दे। AMC को बोलेगा तो वो रेगुलर यूनिट बेच के डायरेक्ट खरीद देगा। पर टैक्स लगेगा। 1 साल से पुराना है तो 12.5% LTCG। 

ऑप्शन B: रोक दे, निकाल मत। पुरानी SIP बंद कर दे। यूनिट पड़ी रहने दे। नई SIP डायरेक्ट में चलेगी। जब जरूरत हो तब पुराना वाला बेचना। टैक्स बचेगा।

मेरा फॉर्मूला: 3 साल से पुराना रेगुलर है तो मत छेड़। नई SIP डायरेक्ट में कर। 3 साल से नया है तो स्विच कर दे।

5. एजेंट कब जरूरी है? सिर्फ 1 केस में

अगर तेरे पापा 60+ के हैं, स्मार्टफोन नहीं चलाते, बैंक जाना पड़ता है – तो एजेंट ठीक है। उनकी 1% फीस सर्विस फीस है।

पर तू 20-40 का है, WhatsApp चला रहा, रील्स देख रहा, तो भाई तू डायरेक्ट डिजर्व करता है। 

₹25 लाख एक्स्ट्रा कोई छोटी रकम नहीं।

डिस्क्लेमर: मैं SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर नहीं। एजेंट खराब नहीं होते, कुछ अच्छे भी हैं। पर 1% का गणित समझना जरूरी है। अपने रिस्क पे डिसीजन लें।

तो भाई, तेरा प्लान कौन सा है? 

रेगुलर वाला लुट रहा है या डायरेक्ट वाला कमा रहा है? 

Groww खोल, चेक कर, कमेंट में बता “Reg” लिखा है या “Direct”? मैं बता दूंगा कितना नुकसान हो रहा।

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