मेरी मम्मी ने RD कराई, दोस्त ने SIP। 15 साल बाद दोस्त के पास ₹4.10 लाख ज्यादा निकले। SIP vs RD का पूरा कैलकुलेशन, टेबल, टैक्स और फाइनल फैसला।
क्या आप भी हर महीने ₹5,000 बचाते हो?
2010 में मेरी मम्मी ने बैंक जाके RD शुरू कराई। साथ में मेरे दोस्त रोहित ने SIP शुरू की। दोनों ने 15 साल तक ₹5,000 हर महीने डाला।
कल हम मिले तो हिसाब किया। रोहित के अकाउंट में मम्मी से ₹4,10,000 ज्यादा थे।
मम्मी बोली “बैंक ने धोखा कर दिया”। मैंने कहा “मम्मी, धोखा नहीं, बस आपने गलत जगह पैसा लगाया”।
आज SIP vs RD का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोल रहा हूं। आखिर में बताऊंगा आपके लिए क्या सही है।
- पहले बेसिक समझो: RD क्या है, SIP क्या है?
चीज RD – Recurring Deposit SIP – Systematic Investment Plan
कहां जाता है पैसा बैंक में फिक्स डिपॉजिट म्यूचुअल फंड में, यानी शेयर मार्केट में
रिटर्न कितना 6.5% फिक्स। गारंटी 12% एवरेज। गारंटी नहीं
रिस्क 0% रिस्क। बैंक डूबे तो 5 लाख तक सेफ मार्केट रिस्क। पैसा घट-बढ़ सकता है
टैक्स ब्याज पर आपकी स्लैब से टैक्स कटेगा 1 साल बाद बेचो तो 12.5% LTCG टैक्स
सीधी भाषा में: RD = सरकारी बस। स्लो पर पक्की। SIP = अपनी बाइक। तेज पर गिरने का डर। - असली मैच: ₹5,000 महीना, 15 साल का हिसाब
चलो मान लेते हैं आपने Jan 2010 में शुरू किया। हर महीने ₹5,000।
साल कुल जमा RD वैल्यू 6.5% SIP वैल्यू 12% फर्क
5 साल ₹3,00,000 ₹3,54,000 ₹4,12,000 ₹58,000
10 साल ₹6,00,000 ₹8,51,000 ₹11,61,000 ₹3,10,000
15 साल ₹9,00,000 ₹15,14,000 ₹19,24,000 ₹4,10,000
नोट: SIP का 12% गारंटी नहीं है। पिछले 15 साल का Nifty 50 का एवरेज रिटर्न यही रहा है।
मम्मी को मिला ₹15.14 लाख। रोहित को मिला ₹19.24 लाख। फर्क = नई Swift कार।
- तो क्या RD बेकार है? बिल्कुल नहीं। ये 3 लोग RD ही करें:
- बहुत शॉर्ट टर्म गोल: 1-2 साल में कार का डाउन पेमेंट, शादी का खर्च। यहां SIP रिस्की है। मार्केट गिर गया तो पैसा फंस जाएगा।
- नींद प्यारी है: अगर मार्केट 10% गिरने पर आपकी रातों की नींद उड़ जाती है तो RD लो। सुकून जरूरी है।
- 60+ उम्र: रिटायरमेंट के बाद पैसा डूबना अफोर्ड नहीं कर सकते। RD + सीनियर सिटीजन स्कीम बेस्ट।
- ये 3 लोग SIP करें, आंख बंद करके:
- लॉन्ग टर्म गोल 7+ साल: बच्चा की पढ़ाई, रिटायरमेंट, घर। यहां महंगाई को हराना है। 6.5% RD महंगाई से हार जाएगी। 12% SIP जिता देगी।
- उम्र 45 से कम: आपके पास टाइम है। मार्केट गिरेगा भी तो 5 साल में रिकवर हो जाएगा।
- टैक्स बचाना है: RD का ब्याज आपकी सैलरी में जुड़ जाता है। 30% टैक्स वाले को ₹1 लाख ब्याज पर ₹30,000 टैक्स देना पड़ेगा। SIP में 1 साल बाद सिर्फ 12.5%।
फाइनल फैसला: मैं क्या करूं?
स्टेप 1: इमरजेंसी फंड = RD
6 महीने की सैलरी RD में रखो। ये पैसा इमरजेंसी के लिए है। यहां रिटर्न मत देखो, सेफ्टी देखो।
स्टेप 2: बाकी सब गोल = SIP
घर, कार, रिटायरमेंट, बच्चे। सबके लिए अलग SIP शुरू कर दो। ₹1,000 से भी शुरू हो जाती है।
मेरा रूल: 100 – आपकी उम्र = उतना % पैसा SIP में।
आपकी उम्र 30 है तो 100-30 = 70% पैसा SIP में, 30% RD/FD में।
डिस्क्लेमर: मैं SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर नहीं हूं। ये एजुकेशन के लिए है। निवेश से पहले अपने एडवाइजर से बात करें। म्यूचुअल फंड मार्केट रिस्क के अधीन हैं।